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आईपीएल 2019: रहाणे के शतक पर शिखर और पंत ने पानी फेरा

आईपीएल 12 में सोमवार को जयपुर में खेले गए मुक़ाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने मेज़बान राजस्थान रॉयल्स को छह से विकेट से हरा दिया. इस हार के साथ ही मेज़बान राजस्थान का इस आईपीएल में सुपर फ़ोर में जाने के सारे रास्ते अब लगभग बंद हो गए है. दिल्ली के सामने जीत के लिए 193 रनों जैसा बड़ा लक्ष्य था जो उसने सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन के 54, पृथ्वी शॉ के 42 और उसके बाद ऋषभ पंत के धुआंधार 78 रनों की मदद से 19.2 ओवर में केवल चार विकेट खोकर हासिल कर लिया. ऋषभ पंत ने अपने 78 रन केवल 36 गेंदों पर छह चौकों और चार छक्कों के सहारे बनाए. उनकी मैच जिताऊ पारी ने मेज़बान टीम के खिलाड़ियों के चेहरे उतार दिए और अंजिक्य रहाणे की शतकीय पारी पर भी पानी फेर दिया. इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी की दावत पाकर राजस्थान रॉयल्स ने सलामी बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे की नाबाद 105 रनों की शतकीय पारी और कप्तान स्टीव स्मिथ के 50 रनों की मदद से निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट खोकर 191 रन बनाए. अब भला जो टीम अपने ही घर में इतने रन बनाने के बावजूद हार जाए तो फिर उसकी विरोधी टीम में कुछ तो ख़ूबियां होंगी ही, जिनके दम पर...

लोकसभा चुनाव 2019: रवि किशन के लिए कितना आसान होगा गोरखपुर जीतना

गोरखपुर लोकसभा सीट पर भाजपा का उम्मीदवार कौन होगा, इसे लेकर लगातार अफ़वाहों और अटकलों का दौर जारी था. आख़िरकार बीजेपी ने उलझन, असमंजस और अनिर्णय की स्थिति से उबरते हुए अभिनेता रवि किशन शुक्ला को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया. दशकों तक भाजपा का अभेद्य किला समझी जाने वाली यह सीट पिछले डेढ़ साल में बीजेपी के लिए सबसे उलझाऊ सीट में तब्दील हो गई है. यहां प्रत्याशी का चयन करने में पार्टी को रणनीतिक समीकरणों के दर्जनों सवाल हल करने पड़े. लगभग तीन दशक तक इस सीट पर प्रसिद्ध गोरक्षापीठ के महंत ही निर्वाचित होते रहे थे. 2017 में पीठ के वर्तमान महंत योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद हुए उपचुनाव में यह सीट भाजपा के क़ब्ज़े से निकल गई थी. तब सपा के टिकट पर लड़ रहे निषाद पार्टी के नेता प्रवीण निषाद ने भाजपा प्रत्याशी उपेंद्र दत्त शुक्ला को हराकर भाजपा के आत्मविश्वास को ऐसी चोट पहुंचाई थी, जिसका असर अब तक कायम है. इसी कारण पार्टी को अपना टिकट तय करने में लंबा वक़्त लग गया. दरअसल, उपचुनाव की हार न केवल पार्टी के लिए बल्कि ख़ुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए भी झटक...

'पीएम नरेंद्र मोदी' पर चुनाव आयोग ने लगाई रोक

चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी फ़िल्म 'पीएम नरेंद्र मोदी' और अन्य बायोपिक फ़िल्मों पर रोक लगा दी है. समाचार एजेंसी एनएआई के मुताबिक़ चुनाव आयोग ने 'पीएम नरेंद्र मोदी', 'एनटीआर लक्ष्मी' और 'उद्यमा सिम्हम' फ़िल्मों के ख़िलाफ़ की गई शिकायतों पर यह फ़ैसला लिया है. इन फ़िल्मों को लेकर चुनाव आयोग ने कहा है, "इनमें आदर्श आचार संहिता के अनुरूप समान अवसरों को प्रभावित करने की क्षमता है और जब तक आदर्श आचार संहिता लागू है, तब तक इन्हें इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या सिनेमा में नहीं दिखाया जाना चाहिए. " जिन फ़िल्मों पर रोक लगाई गई है, उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर बनी फ़िल्म पीएम नरेंद्र मोदी काफ़ी चर्चा में है. पिछले कुछ समय से विवादों के केंद्र में रही इस फ़िल्म पर रिलीज़ डेट से ठीक एक दिन पहले रोक लगाई गई है. यह फ़िल्म 11 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली थी. चुनाव आयोग की ओर से लगाई गई यह रोक चुनाव ख़त्म होने तक जारी रहेगी. यह आरोप लग रहे थे कि चुनाव के समय इस फ़िल्म को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि चकाने के लिए रिलीज़ ...

जिन देशों के पास सबसे ज़्यादा कच्चा तेल है, वो ग़रीब क्यों?

आज भी दुनिया में ईंधन का सबसे बड़ा स्रोत कच्चा तेल यानी डीज़ल और पेट्रोल ही हैं. और जब तक 'काला सोना' कहे जाने वाले कच्चे तेल की जगह पूरी तरह अक्षय उर्जा नहीं ले लेता इस पर हमारी निर्भरता भी बढ़ती रहेगी. एक साल पहले की तुलना में साल 2018 में दुनिया में अधिक कच्चे तेल का इस्तेमाल हुआ. ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कन्ट्रीज़ (ओपेक) की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में 2017 में जहां 9.720 करोड़ बैरल प्रति दिन कच्चे तेल की खपत हुई वहीं 2018 में दुनिया में 9.882 करोड़ बैरल प्रति दिन कच्चे तेल का इस्तेमाल हुआ. ओपेक के आकलन के अनुसार 2019 में ये आंकड़ा 10.023 करोड़ बैरल प्रति दिन तक पहुंच सकता है. यही कारण है कि कई देशों के राजस्व में एक बड़ा हिस्सा कच्चे तेल की बिक्री से होने वाली कमाई है. ऐसे में ये मान लेना स्वाभाविक है कि जिन देशों के पास कच्चे तेल का बड़ा ज़खीरा है वो फायदे की स्थिति में होंगे. वेनेज़ुएला वो देश है जिसके पास कच्चे तेल का सबसे बड़ा भंडार है. अमरीका की ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के अनुसार इस देश में 30,230 करोड़ बैरल कच्चा तेल है. दूसरे नंबर पर ...

न्यूयॉर्क की आसमान छूती इमारतों के बीच एक ख़ास पत्थर

बग़ावत की एक चिंगारी ही शोला बन जाती है. और अगर कोई बग़ावत कामयाब न भी हुई, तो वो तारीख़ के पन्नों में सुनहरे हर्फ़ों में दर्ज हो जाती है. ऐसी ही एक चिंगारी छुपी हुई है, बुलंद इमारतों के शहर न्यूयॉर्क में. यूं तो दुनिया न्यूयॉर्क को ऊंची-ऊंची इमारतों के लिए जानती है. आपको शहर का मुआयना करना है, तो सिर उठा कर चलना होगा. पर, बग़ावत की एक चिंगारी का दीदार करने के लिए आप को अर्श नहीं, फ़र्श की तरफ़ निहारना होगा. न्यूयॉर्क के ग्रीनविच विलेज में सड़कें बेतरतीब हैं. ख़ास तौर से यहां के 110 सेवेंथ एवेन्यू साउथ में कई सिम्त से आती सड़कें एक जगह मिलती हैं. पहली नज़र में ये न्यूयॉर्क की कोई आम सी जगह मालूम होती है. सड़कों से गुज़रती हुई टैक्सियां देख कर पता नहीं चलता कि यहां कोई ऐतिहासिक स्मारक भी हो सकता है. पास ही स्थित वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की बुलंद इमारत दिखती है. पास ही स्थित स्टारबक्स की दूसरी तरफ़ विलेज सिगार्स नाम की दुकान है. इसके सामने लगा है एक तिकोना पत्थर. हो सकता है कि यहां से गुज़रते हुए आपको इसकी मौजूदगी का पता ही न चले. स्याह-सफ़ेद टाइलों से बना ये स्मारक अलग सा तो नह...

सेना के विशेषाधिकार के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई कश्मीर ले जाएँगी इरोम शर्मिला?

16 साल तक एक क़ानून के ख़िलाफ़ भूख हड़ताल पर रहनेवाली, 'मणिपुर की लौह महिला' इरोम शर्मिला ने, क्या अनशन तोड़ने के बाद अपनी लड़ाई छोड़ दी है? इतनी लंबी मियाद तक ज़िंदगी का एक मक़सद हो और वो मक़सद ज़िंदगी को एक कमरे की चारदीवारी तक सीमित कर दे, तो चारदीवारी से निकलने के बाद भी वो ज़हन से चिपका नहीं रह जाएगा? परेशान नहीं करेगा? सुबह-शाम की उबाऊ दिनचर्या के बीच अपनी याद नहीं दिलाएगा? मैं ऐसे बहुत से सवालों के साथ सुर्ख़ियों से गुम हो चुकी इरोम को ढूंढने निकली. पता चला कि इरोम अब मणिपुर में नहीं रहती. वहां उन्होंने जो राजनीतिक पार्टी बनाई उसके कार्यकर्ताओं के संपर्क में भी नहीं है. इरोम ने अपने बॉयफ़्रेंड, ब्रितानी नागरिक डेसमंड कूटिन्हो से शादी कर ली है. दोनों ने बैंगलोर में घर बसा लिया है. शहर के बाहरी इलाके में छोटी-छोटी सड़कों से होते हुए एक साधारण से अपार्टमेंट में उनके फ़्लैट में आख़िरकार मेरी इरोम से मुलाकात हुई. इरोम धीरे-धीरे बोलती हैं. अपना समय लेकर. कभी-कभी मुस्कुराती हैं. पर ज़्यादातर व़क्त भोंहे तनी रहती हैं. मानो अंदर ही अंदर लगातार कुछ कचोट रहा हो. कु...

जम्मू एयरपोर्ट के पास मिली संदिग्ध वस्तु, मौके पर पहुंचा बम निरोधक दस्ता

जम्मू बस स्टैंड में बस पर गुरुवार को हुए ग्रेनेड हमले के बाद पूरे राज्य में अलर्ट है. इसी बीच जम्मू एयरपोर्ट के पास शुक्रवार को कुछ संदिग्ध वस्तु मिली. जिसके बाद वहां पुलिस जांच के लिए पहुंची. हालांकि, पुलिस की ओर से आए बयान में कहा गया है कि जो संदिग्ध वस्तु थी वह सिर्फ बैटरी ही थी, ऐसे में चिंता करने की बात नहीं है. पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है. संदिग्ध वस्तु की खबर मिलते ही मौके पर बम निरोधक दस्ता पहुंचा है, जो वहां पूरी जांच करेगा. दो लोगों की हुई थी मौत गौरतलब है कि गुरुवार को जम्मू के बस स्टैंड में खड़ी राज्य परिवहन की बस पर ग्रेनेड से हमला किया गया था. इस हमले में 2 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए थे. इस हमले के बाद से ही जम्मू शहर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. गुरुवार को जैसे ही बस पर ग्रेनेड अटैक हुआ तब पुलिस ने बस स्टैंड के पास के पूरे इलाके को घेर लिया. साथ ही शहर में भी चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई, पुलिस की ओर से आम लोगों को भी किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने के लिए कहा गया था. जम्मू बस स्टैंड पर गुरुवार को हुआ था धमाका (फ...