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ब्राज़ील बांध हादसाः वो सवाल जिनके जवाब अब तक नहीं मिले

ब्राज़ील में ब्रूमाडिन्हो शहर के पास लौह अयस्क की एक ख़दान के पास मौजूद बांध टूट गया है जिसमें अब तक 34 लोगों की मौत हो गई है जबकि 300 से ज़्यादा लोगों का पता नहीं चल पा रहा है. ब्रूमाडिन्हो दक्षिण पूर्व स्थित मिनस गेराइस राज्य का हिस्सा है. यहां के गवर्नर रोमू ज़ेमान ने मृतकों की पुष्टि करते हुए यह भी कहा कि अब मलबे से लोगों के जीवित बचने की संभवाना कम ही है. इस बांध का इस्तेमाल ख़दान से निकले लौह अयस्क की सफ़ाई की प्रक्रिया में बने मलबे को जमा करने के लिए किया जाता था. ये ख़दान ब्राज़ील की सबसे बड़ी खनन कंपनी 'वेले' की है. कंपनी के अनुसार इस इलाके में कई बांध बनाए गए थे जिनमें से एक ब्रूमाडिन्हो बांध है. 1976 में बनाए गए इस बांध में 20 लाख घन मीटर तक मलबा रखने की क्षमता थी. वेले कंपनी का बिल रोकने का आदेश स्टेट अटॉर्नी जनरल के अनुरोध पर मिनस गेराइस कोर्ट के जज रेनन सावेस काहेरा मसादो ने बांध हादसे के बाद वेने कंपनी के 100 करोड़ डॉलर के बिल को रोकने का आदेश दिया है. उन्होंने इस राशि को कोर्ट के अकाउंट में जमा कराने का आदेश दिया है. साथ ही आदेश में 48 घंटे के भीतर...

भारतीय खिलाड़ियों पर कंगारू फैंस की नस्लीय टिप्पणी, CA ने चेताया

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने तीसरे टेस्ट मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों के लिए नस्ली टिप्पणी किए जाने पर शुक्रवार को एमसीजी के दर्शकों के एक वर्ग को चेतावनी दी . ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार सीए को तीसरे टेस्ट मैच के पहले दो दिन भारतीय खिलाड़ियों को निशाने पर रखकर की गई नस्ली टिप्पणियों की कई शिकायतें मिली है. वेबसाइट ने दावा किया है कि उसके पास इस तरह की घटनाओं की फुटेज है और उसने इसे CA को सौंप दिया है. CA ने इसे विक्टोरिया पुलिस और स्टेडियम प्रबंधन को भेज दिया है. इसमें एमसीजी ग्रेट सदर्न स्टैंड के एक भाग में दर्शकों को ‘हमें अपना वीजा दिखाओ’ चिल्लाते हुए देखा जा सकता है. रिपोर्टों के अनुसार सीए ने दर्शकों से कहा है कि वह आपे में रहें नहीं तो उन्हें बाहर निकाला जा सकता है. बुमराह से थर्राया ऑस्ट्रेलिया, 346 रनों की बढ़त से भारत का पलड़ा भारी सीए प्रवक्ता के हवाले से कहा गया है, ‘विक्टोरिया पुलिस और स्टेडियम का सुरक्षा विभाग स्टेडियम के इस भाग में दर्शकों के व्यवहार पर निगरानी रख रहे हैं और उनकी दर्शकों से कई बार बातचीत हुई तथा उनसे इस मैच स्थल के नियमों और शर्तों की याद दिलायी ...

ई-सिगरेट: क्या सेहत के लिए आम सिगरेट से बेहतर

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि हर साल तक़रीबन 20 हज़ार लोग ई-सिगरेट के ज़रिए धूम्रपान छोड़ रहे हैं. पीएचई ने सिफ़ारिश की है कि डॉक्टरों को अपने मरीज़ों को ई-सिगरेट आज़माने की सलाह देनी चाहिए. साथ ही अस्पतालों में ई-सिगरेट बेचने की इजाज़त दी जानी चाहिए. इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्पतालों में अलग से ऐसी जगह बनानी चाहिए जहां जाकर लोग ई-सिगरेट पी सकें. साथ ही लंबे समय तक अस्पताल में रहने वाले मरीज़ों के लिए निजी कमरों में ही ई-सिगरेट पीने की सुविधा देने का सुझाव भी दिया गया है. पीएचई की रिपोर्ट में कंपनियों को भी अपने यहां ऐसे इंतज़ाम करने की सलाह दी गई है. क्या है सिगरेट छोड़ने का 'गर्लफ्रेंड फॉर्मूला'? ई-सिगरेट भी लगाती है जिगर में आग वेल्स में सरकार ने स्कूल और अस्पताल समेत कुछ जगहों पर ई-सिगरेट पीने पर रोक लगाने की कोशिश की थी. सरकार का तर्क था कि ई-सिगरेट को इस तरह आम करने से लोग वापस धूम्रपान के बारे में सोचने लगेंगे. लेकिन इंग्लैंड और वेल्स के बीच एकराय न बन पाने की वजह से ये प्रस्ताव पास नहीं हो सका. ब्रिटेन में...

खिलाड़ी दे रहे मैच फिक्सिंग की जानकारी, भ्रष्टाचार मुक्त होगा 2019 वर्ल्ड कप: आईसीसी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने खुलासा किया कि मैच फिक्सिंग को लेकर खिलाड़ियों से लगातार जानकारियां मिल रही है। उन्होंने कहा, "2019 वर्ल्ड कप भ्रष्टाचार मुक्त होंगे। राष्ट्रीय संस्थान, सरकारों को भ्रष्टाचार और फिक्सिंग समाप्त करने के लिए कदम उठाने चाहिए। आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (एसीयू) फिक्सिंग से लड़ने के लिए सक्रियता के साथ कदम उठा रही। उन लोगों के खिलाफ भी कदम उठाए जा रहे हैं जो इस खेल को खराब करने का काम कर रहे हैं।" रिचर्डसन ने कहा, "आईसीसी सरकारों से मिलकर मैच फिक्सरों को जेल की सजा का प्रावधान करने के लिए कानून बनाने की अपील भी कर रही है। हम सरकारों से अपील कर रहे हैं कि वे क्रिकेट मैचों में फिक्सिंग को कानूनी रूप से अपराध की श्रेणी में डाल दें। एसीयू फिक्सिंग को लेकर काफी सक्रिय है, जिसकी वजह से खिलाड़ियों की ओर से फिक्सरों द्वारा संपर्क किए जाने जैसी सूचनाएं लगातार मिल रही हैं।" श्रीलंका के गेंदबाजी कोच पर लगा था मैच फिक्सिंग हाल ही में श्रीलंका के गेंदबाजी कोच और पूर्व खिलाड़ी नुवान जोएसा को मैच फिक...

राजस्थान में चुनावी जंग के लिए तैयार हैं पूर्व राजघराने

राजस्थान में पूर्व राज परिवारों ने चुनावी राजनीति में अपनी दखल और दिलचस्पी बरकार रखी है. इस बार भी जब चुनावी जंग के लिए मैदान सुसज्जित हुआ तो पूर्व राजघरानों के सदस्य मुक़ाबले में खड़े मिले. इसके अलावा कुछ पूर्व सामंत और ठिकानेदार भी चुनाव लड़ रहे हैं. इनमें कोई सत्तारूढ़ बीजेपी के साथ है तो कोई कांग्रेस के पाले में है. विश्लेषक कहते हैं कि सामंती संस्कृति के कारण पूर्व राजघरानों का प्रभाव अब भी मौजूद है . लेकिन इतना भर चुनावी जीत की ज़मानत नहीं दे सकता. कोई तीन माह पहले जब जैसलमेर के पूर्व राज परिवार की राजेश्वरी राज्यलक्ष्मी ने एक जलसे में चुनाव लड़ने की मुनादी की, तो उनके समर्थकों ने हर्षनाद किया. मगर अब उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम नहीं है. जयपुर के पूर्व राजवंश की दीया कुमारी अभी सत्तारूढ़ बीजेपी से विधायक हैं. लेकिन दीया कुमारी ने अपनी व्यस्तताओं का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है. उन्होंने मीडिया से कहा कि इसका कोई अन्य अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए. वे पार्टी के लिए बदस्तूर काम करती रहेंगी. पार्टी जो भी ज़िम्मेदारी सौंपेगी, निभाया जायेगा. जानकारो...

हाउस में पार्टी की हार से कितने कमज़ोर हुए ट्रंप?

अमरीका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का आना राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के लिए गहरा झटका है. डेमोक्रेटिक पार्टी आठ साल बाद कांग्रेस के लोवर चेंबर हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत में आई है . अब ट्रंप अपने एजेंडों को बिना कोई कोई अड़चन के आगे नहीं बढ़ा सकते हैं. हालांकि ट्रंप की पार्टी अमरीकी सीनेट में बहुत हासिल करने में कामयाब रही है. मंगलवार को मध्यावधि चुनाव के लिए हुए मतदान को ट्रंप के दो सालों के कार्यकाल के जनादेश के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि यह कोई राष्ट्रपति बनने के लिए चुनाव नहीं है. बीबीसी के अमरीकी पार्टनर सीबीएस नेटवर्क का कहना है कि डेमोक्रेट्स को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत के लिए 23 सीटें चाहिए. अमरीकी मतदाताओं ने हाउस की कुल 435 सीटों पर वोट किया है. इस जीत के साथ ही डेमोक्रेट्स ट्रंप प्रशासन की नीतियों और फ़ैसलों की जांच शुरू करवा सकते हैं. डेमोक्रेट्स को इस जीत से रिपब्लिकन पार्टी की नीतियों को रोकने में भी मदद मिलेगी. डेमोक्रेटिक पार्टी की अलेक्जेंडरिया ओकासियो-कोर्टेज़ महज 29 साल की महिला है...

संसद में पहली बार रोबोट ने पेश की रिपोर्ट, ट्विटर पर उड़ा प्रधानमंत्री का मजाक

इंग्लैंड. ब्रिटेन की संसद में बुधवार को पहली बार एक रोबोट ‘पेपर’ ने रिपोर्ट पेश की। इसके बाद लोग ट्विटर पर प्रधानमंत्री थेरेसा मे का मजाक उड़ाने लगे। उन्होंने कहा कि थेरेसा को ब्रेग्जिट कराने की काफी जल्दी है, लेकिन उनका रोबोट यह काम और ज्यादा तेजी से कर सकता है। वहीं, कुछ लोगों ने रोबोट का नाम ही बदल दिया और उसे प्रधानमंत्री मे से जोड़ते हुए ‘मेबोट’ नाम दे दिया । एजुकेशन सिलेक्ट कमेटी को सुनाई रिपोर्ट एजुकेशन सिलेक्ट कमेटी के अध्यक्ष और टोरी की सांसद रॉबर्ट हाफॉन ने मशीन को संसद में बोलने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने मिडिलसेक्स यूनिवर्सिटी के इस ह्यूमनॉइड रोबोट का प्रेजेंटेशन पहले भी देखा था।  रोबोट ने एजुकेशन सिलेक्ट कमेटी के सामने रिपोर्ट पेश करके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में जानकारी दी। साथ ही, बताया कि यूके के स्कूलों में किस तरह बदलाव करना चाहिए। पेपर रोबोट ने अमेरिकन एक्सेंट में रिपोर्ट पेश की थी। भविष्य में हमारी जरूरतों को पूरा करेंगी ऐसी तकनीक ऐज यूके संस्था की चैरिटी डायरेक्टर कैरोलीन अब्राहम ने उम्मीद जताई कि भविष्य में इसी तरह की तकनीक हमारी कई तर...